03 जनवरी 2024 को माता सावित्रीबाई फुले की 193वीं जयंती थी. इस मौके पर जनप्रिय भागलपुर की ओर से परबत्ती में संचालित निःशुल्क बाल शिक्षा केंद्र के बच्चों के बीच महिला शिक्षा की बुनियाद रखने वाली माता सावित्रीबाई फुले की जयंती पर कार्यक्रम हुआ. केंद्र के निदेशक गौतम कुमार ने बच्चों को बताया कि सावित्रीबाई फुले भारत की पहली महिला शिक्षिका थीं. इनके बदौलत ही वंचित समाज की लड़कियां शिक्षित होने की तरफ अग्रसर हो सकी. दूसरी तरफ 'स्वाभिमान' की ओर से मंदरोजा स्थित संस्थान में माता सावित्रीबाई फुले की जयंती मनाई गई. संस्थान के संस्थापक जगतराम साह कर्णपुरी, राजीव रंजन, अजय शंकर आदि उपस्थित हो कर माता सावित्रीबाई फुले के चित्र पर पुष्पांजली अर्पित किया.
माता सावित्रीबाई फुले की जयंती पर भाकपा माले ने भी उन्हें याद किया. भाकपा माले व एक्टू ने भारत की प्रथम महिला शिक्षिका माता सावित्रीबाई फुले की 193वीं जयंती के अवसर पर मोहनपुर स्थित जगदीश-बौधि स्मृति आवास में सावित्रीबाई फुले की तस्वीर पर माल्यार्पण किया. साथ ही कई छात्र-छात्राएं भी इस अवसर पर मौजूद रहे.
बिहपुर में भी माता सावित्रीबाई फुले के जीवन संघर्ष पर रॉयल सेंट्रल स्कुल, मिल्की, बिहपुर में नाटक का मंचन हुआ. साथ ही पेंटिंग, क्विज, व नृत्य प्रतियोगिता भी हुई. जिसमें स्कुल के छात्र-छात्राओं ने काफी उत्साह से भाग लिया. मुख्य अतिथि डॉ. विलक्षण बौद्ध ने कहा कि सावित्रीबाई फुले ने आधुनिक भारत में महिलाओं की शिक्षा की नींव रखी थी. वह उंच-नीच, छुआछूत व लिंग विभेद के खिलाफ जीवन भर संघर्ष करने वाली समाज सुधारक थी. बिहपुर स्थित मध्य विद्यालय कारगिल निषाद टोला औलियाबाद में भी माता सावित्रीबाई फुले की जयंती को राष्ट्रीय शिक्षिका दिवस के रूप में बड़े ही धूमधाम से मनाई गई. कार्यक्रम का उद्घाटन बीईओ रामजी राय और ग्राम पंचायत मदवा पूरब की मुखिया उषा निषाद ने किया.
पीरपैंती में रानीदियारा पंचायत के टपुआ गाँव में भी सावित्रीबाई फुले की जयंती पर मौखिक प्रतियोगिता का आयोजन किया गया. जिसमें प्रथम स्थान पर अंकित, दुसरे पर सिमरन और तीसरे पर पियूष रहे. इसके पहले सभी छात्रों ने माता सावित्रीबाई बाई फुले के तैलचित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें नमन किया.
सुल्तानगंज में भी ज्ञान विज्ञान समिति भागलपुर के बैनर तले माता सावित्री बाई फुले की 193वीं जयंती ए के गोपालन डिग्री कॉलेज में बड़े ही उत्साह से मनाई गई. कॉलेज के प्रिंसिपल प्रो० उमेश प्रसाद ने माता सावित्रीबाई फुले के चित्र पर पुष्पांजली अर्पित किया. इस मौके पर जिला सचिव शंकर बाँध ने कहा कि माता सावित्रीबाई फुले ने भारत की महिलाओं के सशक्तीकरण के लिए काफी महत्वपूर्ण कार्य किया. उन्होंने एक नहीं बल्कि 18 विद्यालय खोल कर महिलाओं के लिए शिक्षा का द्वार खोला. सभी विद्यालयों में छात्राओं को निःशुल्क शिक्षा दी जाती थी.

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